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श्री अनिल कुमार झा अध्यक्ष, कोल इंडिया लिमिटेड - एक पार्श्वचित्र



श्री अनिल कुमार झा

श्री अनिल कुमार झा, इंडियन स्कूल ऑफ माइंस, धनबाद (अब आईआईटी) से उत्कृष्ठता के साथ पोस्ट-ग्रेजुएट (एम टेक) खनन अभियंता, ने 18 मई, 2018 को कोल इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक के रूप में पदभार ग्रहण किया है ।


सीआईएल के शीर्ष पद धारण करने से पूर्व, श्रीमान झा ने सीआईएल की अनुषंगी कंपनियों में से दूसरी सबसे बड़ी कोयला उत्पादक कंपनी महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड (एमसीएल) का 1 नवंबर 2015 से सीएमडी के रूप में नेतृत्व प्रदान किया । श्री झा के नेतृत्व में एमसीएल ने प्रदर्शन में द्रुत गति से ऊपर की ओर छलांग लगाई है, वर्तमान में सीआईएल के कुल उत्पादन का 25% और कुल कोयले की आपूर्ति का लगभग 24% योगदान एमसीएल प्रदान करती है ।


श्री झा ने 1983 में सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड से कोयला खनन उद्योग में अपना कैरियर शुरूआत की । उन्होंने सीसीएल में कई महत्वपूर्ण और वरिष्ठ पदों पर कार्य सम्पादन किया है, जिसमें महाप्रबंधक, अर्गदा एरिया भी शामिल है । श्री झा का केंद्रीय खान योजना और डिजाइन संस्थान (सीएमपीडीआई) - सीआईएल की रांची आधारित सलाहकार शाखा - ओपनकास्ट और भूमिगत खानों की योजना सलाहकार - में 14 साल का कार्यकाल रहा है।


श्री झा का खान योजना, उत्पादन, प्रबंधन पर्यवेक्षण, भूमिगत खान के साथ-साथ ओपन कास्ट कोल माइंस का निर्देशन तथा नियंत्रण में तीन दशकों का कुशल अनुभव है ।

कुछ समय के लिए उन्होंने एमओआईएल लिमिटेड में निदेशक (पी एंड पी) के रूप में काम किया है, जहां वे मनोनीत स्वामी तथा उत्पादन, योजना, परियोजनाएं, गुणवत्ता नियंत्रण एवं खान सुरक्षा विभाग तथा कार्मिक एवं औद्योगिक संबंध सहित अन्य संबन्धित विभाग के प्रमुख थे ।


विश्व की सबसे बड़ी कोयला उत्पादक कंपनी के अध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभालते ही श्री झा, की सर्वोच्च प्राथमिकता में बिजली संयंत्रों को कोयले की कमी संबंधी किसी भी प्रकार की समस्या को दूर करने के लिए अनिवार्य स्टॉक स्तर पर कोयले की आपूर्ति बढ़ाना था । श्री झा का कहना है कि बढ़ी हुई आपूर्ति के साथ उच्च कोयले का उत्पादन और बेहतर गुणवत्ता के साथ सभी कार्य गंभीरता से करके लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है । कंपनी का उद्देश्य देश को कोयले में आत्मनिर्भर बनाना और आयात निर्भरता को कम करने का हर संभव प्रयास करना है।


इनके नेतृत्व में, कोल इंडिया ने 2018-19 के दौरान कोयला उत्पादन, कोयला आपूर्ति, बिजली क्षेत्र को कोयला आपूर्ति और रेक लोडिंग के अलावा विभिन्न प्रकार के विकासों में लगातार वृद्धि दर्ज की है।


  1. श्री झा ने सीआईएल और इसकी अनुषंगी कंपनियों में व्यवसाय संचालन के सभी पहलुओं को एकीकृत सरल उपयोग प्रणाली रुप में प्रभावी ढंग से उपयोग करने के लक्ष्य के साथ एक ठोस, सिद्ध, अत्याधुनिक ईंटरप्राइजेस रिसोर्स प्लानिंग (ईआईपी) प्रणाली के कार्यान्वयन की प्रक्रिया को तेज करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जिसका उद्देश्य व्यावसायिक प्रक्रियाओं तथा सर्वोत्तम प्रथाओं के मानकीकरण के माध्यम से सभी संगठनात्मक संसाधनों का प्रभावी ढंग से योजनाबध्द प्रबंधन और सरलीकरण करना है ।

  2. कोल इंडिया को कोयला मंत्रालय द्वारा नेट ज़ीरो एनर्जी कंपनी बनाने का कार्य सौंपा गया है, यह कदम कंपनी को 3,000 मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पन्न करने के लिए प्रवृत्त करता है । श्री झा 3,000 मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन के लिए संयुक्त उद्यम (जेवी) कंपनी के गठन हेतु एनएलसीआईएल लिमिटेड के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) को पूरा करने में सहायक थे ।

  3. श्री झा के अधीन कोल इंडिया इंटरनेशनल सोलर अलायंस (आईएसए) संयुक्त राष्ट्र की एक संस्था के कॉरपोरेट पार्टनर के रूप में पंक्तिबध्द हुई है। यह महत्वपूर्ण कदम सीआईएल को अपने सौर ऊर्जा परियोजनाओं को लागू करते समय आईएसए के डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग करके नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में तकनीकी जानकारी का लाभ उठाने के लिए मजबूती प्रदान करता है ।

  4. हैवी अर्थ मूविंग मशीनरी की समय पर खरीद के महत्व को समझते हुए जोकि मुख्य तौर पर ओपन कास्ट कोयला उत्पादन को बेहतर बनाने में मदद करेगा, श्री झा ने रिवर्स नीलामी के साथ पारदर्शी ई-प्रोक्योरमेंट मोड में उच्च क्षमता वाले एचईएमएम के विभिन्न प्रकारों और आकारों की खरीद की प्रक्रिया के लिए, तेज गति से कार्यप्रणाली निर्धारित किए है ।

  5. श्री अनिल कुमार झा 2017-18 के दौरान एमसीएल के उत्कृष्ट कार्य प्रदर्शन के लिए जियोमिन टेक द्वारा प्रदान किए गए 'सर्वश्रेष्ठ मुख्य कार्यकारी' पुरस्कार प्राप्तकर्ता हैं। उन्होने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठियों और कार्यशालाओं में कई तकनीकी प्रस्तुतियाँ दी है। वह वर्तमान में देश के खनन और खनिज उद्योगों के वैज्ञानिक अध्ययन के लिए समर्पित 113- वर्षीय संस्थान एमजीएमआई के अध्यक्ष हैं।


    स्वभाव से विनम्र और मृदुभाषी श्री झा इस बात को स्वीकार करते हैं कि अलगाव से कुछ भी हासिल नहीं किया जा सकता है और यह टीम वर्क है जो शानदार उपलब्धियां दिलाता है। उन्हें लगता है कि गुणवत्ता केवल उत्पाद वितरण तक ही सीमित नहीं है, बल्कि कंपनी के भविष्य को परिभाषित करने वाले सभी क्षेत्रों में भी फैली हुई है।