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मानव संसाधन


मानव संसाधन विकास

कोल इंडिया लिमिटेड का मुख्य उद्देश्य है मौजूदा मानव संसाधन को विकसित करना और साथ ही साथ प्रौद्योगिकीय अग्रिमों और मानव शक्ति विकास को ध्यान में रखते हुए एक स्पष्ट परिप्रेक्ष्य के साथ उत्पादन की मांग को पूरा करना |

हर साल कोल इंडिया लिमिटेड का वार्षिक मानव संसाधन विकास योजना तैयार किया जाता है विभिन्न अनुषंगी कंपनियों में स्थित 26 प्रशिक्षण केन्द्रों के मानव संसाधन विकास के प्रयासों को निम्नलिखित चार क्षेत्रों में एकीकृत करने के लिए:

 

 


I. तकनीकी प्रशिक्षण

इस प्रशिक्षण के मुख्य उद्देश्य हैं:
  • कुशल श्रमिकों की मौजूदा कमी को पूरा करने के लिए अनुषंगी कंपनियों में इस्तेमाल किए जा रहे और कॉर्पोरेट स्तर पर विकसित किए जा रहे प्रौद्योगिकियों में प्रशिक्षण प्रदान करना |
  • कर्मियों को वैधानिक दायित्वों पूरा करने के लिए तैयार करना |
  • महत्वपूर्ण और गैर-महत्वपूर्ण श्रेणियों में कर्मियों की आवश्यकता विश्लेषण और अनुमान करना और उन्हें तैयार करना ताकि कोल इंडिया के परियोजनाओं में क्षमता निर्माण, नए उपकरण और उत्पादन प्रक्रिया में प्रौद्योगिकी समृद्ध द्वारा प्रौद्योगिकी और पूंजी निवेश उचित लाभ प्रदान कर सके |
कर्मचारियों को निम्नलिखित पाठ्यक्रमों में प्रशिक्षित किया जाता है:
* बुनियादी पाठ्यक्रम: उपयुक्त प्रौद्योगिकी, उपकरण और प्रणाली के जानकारी के लिए |
* पुनश्चर्या पाठ्यक्रम: तीन साल में एक बार उनके लिए जो पहले से ही बुनियादी पाठ्यक्रम पूरा कर चूके हैं या कोइ विशिष्ट कौशल क्षेत्र में काम कर रहे हैं |
* विशेष पाठ्यक्रम: अगर प्रौद्योगिकी क्षेत्र, उपकरण विन्यास या क्षमता में कोई परिवर्तन आया है, या उत्पादन प्रणाली में सुधार की गई है, सभी संबंधित कर्मचारियों को उपयुक्त इनपुट दी जाती है |


सभी नए कर्मचारियों के लिए बुनियादी पाठ्यक्रम पूरा करना आवश्यक है | जो कुशल भूमिकाओं में हैं उनके लिए पुनश्चर्या पाठ्यक्रम आयोजित की जाती है |

बुनियादी प्रशिक्षण या तो वही अनुषंगी कंपनी में स्थित तकनीकी प्रशिक्षण केन्द्रों में आयोजित की जाती है, या किसी अन्य सहायक कंपनी में जहां वह सुविधा उपलब्ध है | पुनश्चर्या प्रशिक्षण साइट पर या प्रशिक्षण केन्द्रों में आयोजित की जाती है | वैधानिक दायित्वों के प्रबंधन के लिए 105 व्यावसायिक प्रशिक्षण केन्द्र हैं |

II. प्रबंधन प्रशिक्षण

नए पद का कार्यभार संभालने के समय, अर्थात उच्च स्तर पर प्रवेश के समय, ग्रेड E1 से E5 तक के प्रत्येक स्तर के अधिकारियों के लिए अनुषंगी कंपनी के प्रबंधन प्रशिक्षण केन्द्र में आवश्यकता-आधारित प्रशिक्षण दिया जाता है |

ग्रेड M1 से M3 तक के उच्च स्तर के अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण रांची में स्थित भारतीय कोयला प्रबंधन संस्थान (IICM) के सर्वोच्च प्रशिक्षण केंद्र में प्रदान की जाती है |

III. परिवर्तन प्रशिक्षण

प्रबंधन नीति के सिद्धांत से नए कर्मचारियों को, या उन कर्मकारों को जिन्हे नए कौशल हासिल करने की आवश्यकता है पारंपरिक से अर्ध-मशीनीकृत खदानों में जाने के लिए, या खानों के बंद होने के कारण, या अतिरिक्त मानव शक्ति होने के कारण, यह प्रशिक्षण दिया जाता है |

IV. सामान्य विकास प्रशिक्षण

खानों की स्थिति में बदलते परिदृश्य के साथ, विशेष रूप से ई.सी.एल., बी.सी.सी.एल., और कुछ हद तक सी.सी.एल. में, और एम.सी.एल., एन.सी.एल., एस.ई.सी.एल. और डब्लू.सी.एल. को अलग ध्यान में रखते हुए, कोल इंडिया लिमिटेड की संगठनात्मक स्वास्थ्य - लाभ और हानि, उत्पादकता बढ़ाने के लिए मानदंड, मूल्य मापदंड, और कंपनी के अस्तित्व के लिए उत्पादन में उत्कृष्टता के लिए मानदंड - के बारे में दृष्टि को कार्यकर्ताओं और पर्यवेक्षकों तक योजित संगठनात्मक संचार और सीधा संपर्क के माध्यम से प्रचार किया जाता है |

 


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