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श्री बिनय दयाल, निदेशक (तकनीकी)का संक्षिप्त परिचय

श्री बिनय दयाल

श्री बिनय दयाल ने 11 अक्टूबर,2017 को निदेशक तकनीकी का प्रभार ग्रहण किये है। श्री दयाल 1983 में इंडियन स्कूल ऑफ माइन्स (आईएसएम), धनबाद से खनन इंजीनियरिंग में स्नातक किये । उन्होंने डीजीएमएस, धनबाद से प्रथम श्रेणी खान प्रबंधक के योग्यता का प्रमाणपत्र भी प्राप्त किया।

वे 1983 में कोल इंडिया में कनिष्ठ अधिकारी (प्रशिक्षु) के रूप में ज्वाइन किए तथा सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड के सेंट्रल सोंडा कोलियरी, बरकाकाना एरिया में पदस्थापित किए गये । वे विभिन्न क्षमताओं में जैसे सीएमपीडीआई (मुख्यालय) मेंतकनीकी सेवाओं और जनसंपर्कके प्रमुख, सीएमपीडीआई, क्षेत्रीय संस्थान-V, बिलासपुर के क्षेत्रीय निदेशक, साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड में महाप्रबंधक (परियोजना एवं योजना सेवाएं)के रुप में काम किये ।वे 01.12.2015 को निदेशक तकनीकी (इंजीनियरिंग सेवाएं), सीएमपीडीआई का प्रभार ग्रहण किये ।

श्री दयाल को कॉर्पोरेट प्लानिंग और जनसंपर्क गतिविधियों में बृहद अनुभव प्राप्त है। उन्हें साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड के मेगा प्रोजेक्ट्स की योजना बनाने, स्वीकृति और कार्यान्वयन के साथ-साथ कोरबा एवं मांड रायगढ़ कोलफील्ड में विस्तृत अन्वेषण के लिए तैनात उच्च तकनीक ड्रिल की उत्पादकता में वृद्धि लाने का श्रेय प्राप्त है । साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड के महाप्रबंधक (प्रोजेक्ट एंड प्लानिंग सेवाओं) के रूप में, उन्होंने कोल इंडिया लिमिटेड द्वारा निर्धारित किए गए 1 बिलियन टन कोयला उत्पादन के लक्ष्य के अंश के रुप मेंसाउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड के कोयला उत्पादन की योजना तैयार की ।

मांड रायगढ़ और कोर्बा कोलफील्ड्स से कोयला निकालने हेतुरेलवे कॉरिडोर के लिए उन्हेंसाउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड की ओर से नोडल अधिकारी के रूप में नामित किया गया था। और उन्होंनेसंयुक्त उद्यम कम्पनी के बोर्ड में,जिसमें छत्तीसगढ़ पूर्व रेलवे लिमिटेड और छत्तीसगढ़ पूर्व-पश्चिम रेलवे लिमिटेड (एसईसीएल, आईआरसीओएन और छत्तीसगढ़ राज्य सरकार द्वारा संयुक्त) शामिल हैं,साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड का प्रतिनिधित्व किया।

वर्ष 2007 के दौरान ऑस्ट्रेलिया में आयोजित 'ऊर्जा और खनिजों पर भारत-ऑस्ट्रेलिया संयुक्त कार्य दल' की 5 वीं बैठक में श्री दयाल ने भारतीय प्रतिनिधि मंडल के सदस्य के रूप में प्रतिभागिता की । उन्होंने सितंबर,2010 में उन्नत प्रबंधन प्रशिक्षण कार्यक्रम के प्रतिभागी के रूप में चीन कोयला उद्योग का दौरा किया। वे2011 और 2012 में परित्यक्त कोयला सीम की खदानों से ऊर्जा(जीएचजी2ई) को ग्रीन हाउस गैस में परिवर्तित करने हेतु यूरोपीय संघ अनुसंधान परियोजना में सीएमपीडीआई की ओर से प्रशासनिक प्रमुख थे। उन्होंने 2011 में इस्तांबुल, टर्की में आयोजित 22 वें विश्व खनन कांग्रेस और प्रदर्शनी- 2011 में भाग लिया और तकनीकी पेपर में प्रस्तुत किया । वे 2018 में टोरंटो, कनाडा में आयोजित'प्रोस्पेक्टर्स एंड डेवलपर्स एसोसिएशन ऑफ कनाडा (पीडीएसी)-2018' सम्मेलन में भाग लेने के लिए भारतीय प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा थे। उन्होंने कोयला उद्योग से संबंधित अनेक तकनीकी पेपर प्रस्तुत किए हैं। वे एमजीएमआई एवं भारतीय कंप्यूटर सोसायटी (सीएसआई) के आजीवन सदस्य हैं।